अभनपुर : क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेंद्री में पटेल पद की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में न्यायालय अपर कलेक्टर, रायपुर ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने अपीलार्थी के पक्ष में फैसला देते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा जारी पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया है।
नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे थे गंभीर सवाल
मामला तब विवाद में आया जब ग्राम पंचायत बेंद्री में पटेल नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के प्रावधानों के पालन पर सवाल उठे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और एक आवेदक को अनुचित लाभ दिया गया। इस शिकायत को कलेक्टर जनदर्शन में भी प्रस्तुत किया गया था।
पूर्व आदेश और विवाद की पृष्ठभूमि
अनुविभागीय अधिकारी द्वारा 18 नवंबर को लक्ष्मीनाथ साहू की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया था। इस निर्णय को देव कुमार साहू ने चुनौती दी और मामला अपर कलेक्टर न्यायालय में अपील के रूप में पहुंचा।
अदालत ने प्रक्रिया को बताया नियम विरुद्ध
न्यायालय ने अभिलेखों और तर्कों की गहन जांच के बाद पाया कि जब एक से अधिक पात्र उम्मीदवार मौजूद हों, तब आवश्यक मतदान प्रक्रिया या वैधानिक तरीका अपनाया जाना जरूरी था। केवल ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर नियुक्ति करना कानून के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को दोबारा करने के निर्देश
अपर कलेक्टर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व में अपनाई गई प्रक्रिया विधिसम्मत नहीं थी। इसी आधार पर अधीनस्थ न्यायालय का आदेश निरस्त कर दिया गया है और पटेल नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पुनः संपादित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
न्यायिक निर्णय से प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर बढ़ा फोकस
इस फैसले के बाद स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।








