पंचांग : अमावस्या पर कैसे करें मां काली और पितरों को खुश? जानें सुख-समृद्धि का गुप्त मार्ग।

पंचांग  : आज 17 अप्रैल, 2026 शुक्रवार, के दिन वैशाख महीने की अमावस्या तिथि है. इसे अंधकार का दिन कहा जाता है. माता काली इस दिन पर शासन करती है. ध्यान करने, लोगों को दान करने और जानवरों को खिलाने के साथ पूर्वजों की पूजा करने का ये एक सबसे अच्छा दिन है. इस दिन विवाह समारोह या कोई नई शुरुआत नहीं करनी चाहिए. बल्कि, नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें.

17 अप्रैल का पंचांग :

विक्रम संवत : 2082
मास : वैशाख
पक्ष : अमावस्या
दिन : शुक्रवार
तिथि : अमावस्या
योग : वैद्रुति
नक्षत्र : रेवती
करण : चतुष्पाद
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि :मेष
सूर्योदय : 05:53:00 AM
सूर्यास्त : 06:48:00 PM
चंद्रोदय :06:58:29
चंद्रास्त :19:02:33
राहुकाल : 10:44 से 12:21
यमगंड : 15:34 से 17:11

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और रेवती नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र मीन राशि में 16:40 डिग्री से लेकरद 30 डिग्री तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बुध है. देवता पूषा है, इसलिए आज का दिन यात्राओं, नए संपर्क बनाने और शुभ कार्यों की योजना बनाने के लिए अनुकूल माना जा सकता है. रचनात्मक कार्यों और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रुचि बढ़ सकती है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 10:44 से 12:21 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

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