US Iran Ceasefire:अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच
ईरान की शर्तों ने रोकी शांति वार्ता, बातचीत फिर अधर में
शांति वार्ता को लेकर पहले पाकिस्तान में तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन ईरान ने अपनी शर्तों पर अड़े रहने का रुख अपनाया। ईरान का साफ कहना था कि जब तक उसकी शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, वह किसी भी बातचीत में शामिल नहीं होगा।वहीं दूसरी ओर अमेरिका वार्ता के लिए तैयार था, लेकिन ईरान की अनुपस्थिति के कारण पूरा डिप्लोमैटिक प्रयास फिलहाल ठप पड़ गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
इस पूरे विवाद में रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी चर्चा में रहा। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि ईरान इस क्षेत्र को लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान इसे अपनी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखता है।इस इलाके को लेकर बयानबाजी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर की आशंका बनी हुई है।
ट्रंप का बयान और कड़े संकेत, सैन्य सतर्कता बरकरार
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति
पाकिस्तान की भूमिका और कूटनीतिक कोशिशें
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका भी सामने आई है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल








