पंचांग : आज 18 मई, 2026 सोमवार, के दिन ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष द्वितिया तिथि है. इसके देवता विवादेव होते हैं. इस दिन चंद्रमा का दर्शन शुभ माना जाता है. शादी, वेडिंग रिंग की खरीदी और देवताओं की स्थापना के लिए यह तिथि शुभ होती है. किसी भी तरह के तकरार या विवाद के लिए यह तिथि अच्छी नहीं मानी जाती है.
18 मई का पंचांग :
विक्रम संवत : 2082
मास : ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल पक्ष द्वितिया
दिन : सोमवार
तिथि : शुक्ल पक्ष द्वितिया
योग : सुकर्म
नक्षत्र : रोहिणी
करण : बलव
चंद्र राशि : वृषभ
सूर्य राशि : वृषभ
सूर्योदय : 05:28:00 AM
सूर्यास्त : 07:07:00 PM
चंद्रोदय : 06:27
चंद्रास्त : 21:09
राहुकाल : 07:10 से 08:52
यमगंड : 10:35 से 12:17
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में रहेगा. रोहिणी को शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र का विस्तार वृषभ राशि में 10 से लेकर 23:20 डिग्री तक होता है. यह एक स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है. इसके देवता ब्रह्मा और शासक ग्रह चंद्रमा है. आज सुख, समृद्धि और आकर्षण का संकेत दे रहा है. चंद्रमा के प्रभाव से मन में शांति और भावनात्मक संतुलन बना रहेगा, जिससे कार्यों में सफलता के योग बनते हैं. यह शुभ और स्थिर नक्षत्र होने से नए कार्य, निवेश और संबंधों के लिए अनुकूल समय माना जाएगा.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 07:10 से 08:52 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.








