सूरजपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की किल्लत पर विधानसभा में हंगामा: कागजों में भरे पद, जमीन पर मरीज बेहाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में सूरजपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक भूलन सिंह मरावी ने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करते हुए सरकार से जवाब तलब किया।
मरावी ने कहा कि जिला अस्पताल जैसे अहम संस्थान में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता बेहद जरूरी है, लेकिन जमीनी हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि कुल कितने पद स्वीकृत हैं, कितने डॉक्टर कार्यरत हैं और रिक्त पदों को भरने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि अस्पताल में कुल 16 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 14 पर डॉक्टर कार्यरत हैं और 2 पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।

हालांकि, मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए मरावी ने हकीकत सामने रखी। उन्होंने कहा कि 6 डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की पढ़ाई के लिए बाहर हैं और एक डॉक्टर निलंबित है। ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की वास्तविक उपलब्धता काफी कम हो गई है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मरावी ने आरोप लगाया कि कागजों में पद भरे हुए दिखाकर वास्तविक समस्या को छुपाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि तत्काल डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की उपलब्धता के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों को अटैच किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी न आए। साथ ही सरकार जिला अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और सूरजपुर में भी जल्द सुधार देखने को मिलेगा।

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