छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती पर सियासत तेज, रायगढ़ तक पहुंचा मामला…भूपेश बघेल और अरुण साव आमने-सामने

छत्तीसगढ़ : में अवैध अफीम खेती को लेकर लगातार बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ के तमनार में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़े जाने से पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं। इस मामले ने अब सियासी रंग भी ले लिया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती का मुद्दा अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीति के केंद्र में भी आ गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अवैध अफीम की खेती का गढ़ बनता जा रहा है। उनके मुताबिक पहले दुर्ग और फिर बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ। दुर्ग के समोदा में पकड़ी गई खेती में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आया, जहां चार मुख्य आरोपियों समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं बलरामपुर के दो मामलों में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। भूपेश बघेल ने दावा किया कि अब रायगढ़ के तमनार और नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी अफीम की खेती की जानकारी मिली है।

इधर PCC चीफ दीपक बैज ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले दुर्ग, फिर बलरामपुर और अब रायगढ़ में अफीम की खेती मिलना यह दिखाता है कि प्रदेश को नशे का गढ़ बनाने की कोशिश हो रही है। उनका आरोप है कि सरकार के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता का नाम एफआईआर में तीसरे आरोपी के रूप में जोड़ा गया है।

वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग में मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अरुण साव का कहना है कि कांग्रेस शासन में ही छत्तीसगढ़ नशे का गढ़ बना और अब वर्तमान सरकार नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती का यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सियासी बहस का बड़ा विषय बन गया है।

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