Ganga Expressway Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को प्रयागराज से मेरठ तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. पीएम मोदी इस दिन हरदोई में बिलग्राम तहसील क्षेत्र के मल्लावां कोतवाली में आने वाले सलेमपुर गांव से एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया है. जानकारी के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे अधिक लंबाई हरदोई में है. इसीलिए प्रशासन ने हरदोई को चुना है. जानें कितना लंबा होगा एक्सप्रेसवे और क्या-क्या होंगे फायदे.
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण मेरठ से प्रयागराज के बीच हुआ है. जो 594 किलोमीटर का है. यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरता है. एक्सप्रेसवे के निर्माण का कार्य पूरा हो गया है. अब इसके बाद सरकार गंगा एक्सप्रेसवे के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट पर विचार करना शुरू कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे को अमरोहा से हरिद्वार को कनेक्ट करने की संभावनाओं पर लगातार काम हो रहा है.
594 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेसवे
मेरठ से प्रयागराज तक बना एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है. मार्ग लंबा होने की वजह से चालक को झपकी आ सकती है. चालक को झपकी न आए, इसके लिए एक्सप्रेसवे के मार्ग पर जगह-जगह रंबल स्ट्रिप (उभरी हुई पट्टियां) लगाई जा रही हैं, जिन पर से होकर वाहन के गुजरने पर कंपन पैदा होगा. इससे यदि चालक को झपकी आ रही होगी तो वह तुरंत सतर्क हो जाएगा और संभावित हादसे को टाला जा सकेगा. एक्सप्रेसवे को हर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का प्रयास किया जा रहा है.
12 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा, जो उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा. जिसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं (सबसे लंबा हिस्सा), शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं. अभी मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में करीब 12 से 13 घंटे का समय लगता है. लेकिन बाद में उद्घाटन के बाद सिर्फ 6 घंटे का ही समय लगेगा. यानी कि आधे समय की बचत हो पाएगी.








