Ambikapur: स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बने मार्केटिंग कंपनी के वेलनेस कोच, सरकारी योजनाओं की फोटो का कर रहे उपयोग

Ambikapur: सरगुजा जिले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मॉनिटरिंग में लापरवाही के कारण विभाग के कर्मचारी निजी मार्केटिंग कंपनियों के लिए काम कर रहें हैं. यही वजह है कि सरगुजा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब है. मार्केटिंग कंपनी के लिए काम करने का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें लुंड्रा क्षेत्र के धौरपुर सखौली के स्वास्थ कर्मचारी मार्केटिंग कंपनी के लिए वेलनेस कोच के रूप में काम कर रहें हैं. इसके लिए अपना फोटो लगा हुआ टोकन जारी कर रहें हैं और निजी कंपनी का लोगों के बीच मार्केटिंग कर रहें हैं. दूसरी तरफ सरगुजा संभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ अनिल शुक्ला ने कहा है कि यह कृत्य सरकारी सेवा शर्तों के विपरीत है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मार्केटिंग कंपनी के वेलनेस कोच बने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी

सरगुजा के धौरपुर इलाके में कार्यरत स्वास्थ विभाग के कर्मचारी सोयबर सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों लखनपुर के एक सिनेमाघर में निजी कंपनी का मार्केटिंग करते हुए दिखाई दे रहें हैं. इतना ही नहीं इस दौरान उनके द्वारा हर माह इस काम के बदले लाखों रुपये कमाने का दावा किया जा रहा है. कंपनी के द्वारा टूर पैकेज मिलने की जानकारी दी जा रही है. प्रियंका सिंह वीडियो में यह बताती दिख रही हैं कि अगर हम नौकरी में ही रहते तो ऐसे पैकेज नहीं मिलते. वहीं वीडियो में स्वास्थ विभाग के सरकारी कार्यक्रम के क्रियान्वयन का वीडियो भी दिख रहा है लेकिन प्रचार निजी कंपनी का कर रहें हैं. सरकारी विभाग के कर्मचारी लेकिन निजी कंपनी के कोच के इस तरह के मार्केटिंग के कई वीडियो हैं. जिस पर विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

मेडिकल ऑफिसर बोले- कार्रवाई होगी

इस पूरे मामले को लेकर विकासखंड मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी फिलहाल मिली है और अब वह इस पूरे मामले में नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई करेंगे. दूसरी तरफ सरगुजा संभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉक्टर अनिल शुक्ला ने कहा है कि फिलहाल अभी मैं रायपुर में हूं, रायपुर से वापस आने के बाद इस मामले में नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी क्योंकि किसी भी कर्मचारियों को इस तरह से निजी कंपनी के लिए काम करने की अनुमति नहीं है वह उनके सेवा शर्त में शामिल नहीं है. यही वजह है कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.

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