मुरिया विद्रोह के महानायक को नमन, सीएम साय ने याद किया झाड़ा सिरहा का अदम्य साहस

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुरिया विद्रोह के महानायक झाड़ा सिरहा के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बस्तर की पवित्र धरती पर जन्मे इस वीर ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ साहसिक संघर्ष का नेतृत्व किया।

अन्याय के खिलाफ संगठित संघर्ष का प्रतीक बने झाड़ा सिरहा

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि झाड़ा सिरहा ने जनजातीय समाज को एकजुट कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उनका संघर्ष केवल विरोध नहीं था, बल्कि स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा का सशक्त अभियान था, जिसने पूरे क्षेत्र में जागरूकता और एकता की भावना को मजबूत किया।

बलिदान की गूंज आज भी देती है प्रेरणा

सीएम साय ने कहा कि झाड़ा सिरहा का सर्वोच्च बलिदान आज भी हमें अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि अधिकारों की रक्षा के लिए समाज का संगठित होना कितना जरूरी है।

बस्तर की धरती का गौरव, इतिहास में अमर नाम

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर के इतिहास में झाड़ा सिरहा का योगदान अमिट है। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा और समाज को न्याय के मार्ग पर चलने की दिशा दिखाता रहेगा।

news portal development company in india
marketmystique
Recent Posts