मानसून से पहले एक्शन मोड में सरकार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे पीडब्ल्यूडी कार्यों की बड़ी समीक्षा

रायपुर : लोक निर्माण विभाग की लंबित और प्रगति पर चल रही परियोजनाओं को लेकर अब सरकार गंभीर नजर आ रही है। उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री Arun Sao 7 और 8 मई को विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। यह अहम बैठक नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेशभर की अधोसंरचना परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा होगी।

पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण कार्यों की होगी जांच

बैठक के पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, सेतु निर्माण कार्यों और विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा से जुड़े कामों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। विभागीय अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की रफ्तार और लंबित मामलों की जानकारी ली जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह जानना है कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, वे जमीन पर कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

दूसरे दिन पांचों संभागों की सड़कों की प्रगति रिपोर्ट पर मंथन

8 मई को प्रदेश के पांचों संभागों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय सीमा और फील्ड स्तर की चुनौतियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, वहां जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

धीमी निर्माण गति बनी चिंता, सरकार चाहती है तेज परिणाम

सूत्रों के मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में हजारों अधोसंरचना परियोजनाओं को स्वीकृति मिली और कई कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ, लेकिन अपेक्षित गति से निर्माण नहीं हो पाया। इसी कारण सरकार अब परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर तेजी लाने की तैयारी में है।

महंगी निर्माण सामग्री ने बढ़ाई ठेकेदारों की परेशानी

वैश्विक परिस्थितियों के असर से निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासतौर पर डामर सहित कई जरूरी सामग्रियां महंगी होने से ठेकेदारों की लागत बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में टेंडर मिलने के बाद भी ठेकेदार एग्रीमेंट करने से पीछे हटे हैं, जिससे परियोजनाओं की शुरुआत प्रभावित हुई है।

बारिश से पहले अधूरे काम पूरे कराने पर रहेगा जोर

हर वर्ष 15 जून से 15 सितंबर तक बारिश के कारण सड़क और निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि मानसून शुरू होने से पहले अधिकतम अधोसंरचना परियोजनाओं को गति दी जाए। माना जा रहा है कि बैठक में अधिकारियों और एजेंसियों को अगले डेढ़ महीने के भीतर प्राथमिकता वाले कार्य तेजी से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए जा सकते हैं।

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