केरल : कांग्रेस नीत UDF की जीत के बाद अब सबसे बड़ी चर्चा राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर शुरू हो गई है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। इस बीच कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है।दिल्ली से लेकर Thiruvananthapuram तक कांग्रेस नेतृत्व लगातार राजनीतिक समीकरणों पर मंथन कर रहा है।
कई विधायकों का समर्थन मिलने का दावा
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित विधायक KC वेणुगोपाल के समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के अधिकांश विधायक उनके पक्ष में नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व से करीबी संबंधों का बड़ा फायदा माना जा रहा है।
CM रेस में कई बड़े नाम शामिल
हालांकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ केवल KC वेणुगोपाल तक सीमित नहीं है। पूर्व विपक्ष के नेता V. D. Satheesan और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ramesh Chennithala भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।पार्टी के अलग-अलग गुट अपने नेताओं के समर्थन में सक्रिय हो चुके हैं, जिससे अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आने लगी है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से बढ़ी चर्चा
सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें कई विधायक KC वेणुगोपाल के समर्थन में दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
वेणुगोपाल की दावेदारी क्यों मानी जा रही मजबूत
पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनावी रणनीति तैयार करने, सीट तालमेल और संगठन को मजबूत करने में KC वेणुगोपाल की भूमिका अहम रही है। यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व उनके अनुभव को बड़ा प्लस पॉइंट मान रहा है।उन्हें Rahul Gandhi और केंद्रीय नेतृत्व का करीबी भी माना जाता है। दिल्ली में मजबूत पकड़ और संगठन में प्रभाव उनकी दावेदारी को और मजबूत बना रहा है।
सड़कों तक पहुंची मुख्यमंत्री की लड़ाई
केरल में मुख्यमंत्री पद की रेस अब केवल बंद कमरों तक सीमित नहीं रही। कई जगह पोस्टर वॉर और शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिल रहा है। समर्थक खुलकर अपने-अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ में
फिलहाल कांग्रेस विधायक दल की बैठक में अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया है। AICC पर्यवेक्षक लगातार विधायकों और सहयोगी दलों से फीडबैक ले रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला ले सकता है।








