पंचांग : आज 16 मई, 2026 शनिवार, के दिन ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि है. इसे अंधकार का दिन कहा जाता है. माता काली इस दिन पर शासन करती है. ध्यान करने, लोगों को दान करने और जानवरों को खिलाने के साथ पूर्वजों की पूजा करने का ये एक सबसे अच्छा दिन है. इस दिन विवाह समारोह या कोई नई शुरुआत नहीं करनी चाहिए. बल्कि, नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें.
16 मई का पंचांग :
विक्रम संवत : 2082
मास : ज्येष्ठ
पक्ष : अमावस्या
दिन : शनिवार
तिथि : अमावस्या
योग : सौभाग्य
नक्षत्र : भरणी
करण : चतुष्पाद
चंद्र राशि : मेष
सूर्य राशि : वृषभ
सूर्योदय : 05:29:00 AM
सूर्यास्त : 07:06:00 PM
चंद्रोदय : 04:45, मई 16
चंद्रास्त : 18:44
राहुकाल : 08:53 से 10:35
यमगंड : 13:59 से 15:42
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेगा. मेष राशि में 13:20 से 26:40 तक इसका विस्तार होता है. इस नक्षत्र के देवता यम है और शुक्र इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह है. आज तीव्र ऊर्जा और निर्णायक प्रवृत्ति का संकेत दे रहा है. शुक्र के प्रभाव से आकर्षण तो बढ़ेगा, लेकिन यम के प्रभाव के कारण अनुशासन और नियंत्रण बनाए रखना जरूरी रहेगा. यह उग्र प्रकृति का नक्षत्र होने से विवाद और जल्दबाजी से बचकर ही कार्य करना बेहतर रहेगा.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:53 से 10:35 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.








