अंबिकापुर में निजी स्कूलों पर शिकंजा, फीस वसूली मामले में सख्त कार्रवाई

अंबिकापुर में निजी स्कूलों की मनमानी पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने दो बड़े स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दो स्कूलों पर भारी जुर्माने का प्रस्ताव

जांच के दायरे में आए बिरला ओपन माइंड स्कूल और मॉन्ट फोर्ट स्कूल पर एडमिशन फीस के नाम पर अवैध वसूली का आरोप है।
प्रशासन ने दोनों संस्थानों पर वसूली गई फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

2934 छात्रों से वसूली, अब देना होगा हिसाब

जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार कुल 2934 छात्रों से ली गई फीस की जांच की गई है।

मॉन्ट फोर्ट स्कूल: 2070 छात्र

ओपन माइंड स्कूल: 864 छात्र

दोनों स्कूलों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

मॉन्ट फोर्ट स्कूल में 10 बड़ी खामियां

तय दुकानों से किताबें और कॉपियां खरीदने के लिए मजबूर किया गया

अभिभावकों को मोबाइल मैसेज के जरिए निर्देश दिए गए

किताबों की बंडलिंग कर अलग से खरीदने का विकल्प नहीं दिया गया

निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ाई गईं

हर साल एडमिशन फीस वसूली गई

फीस में 5 से 14 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

यूनिफॉर्म और किताबों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई

अभिभावकों पर निश्चित दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया गया

ओपन माइंड स्कूल में 11 तरह की गड़बड़ियां

एक ही दुकान से किताबें खरीदने की अनिवार्यता

निजी प्रकाशकों की किताबों पर निर्भरता

फील्ड ट्रिप और सेमिनार के नाम पर अतिरिक्त शुल्क

वेबसाइट पर किताबों की सूची उपलब्ध नहीं

यूनिफॉर्म भी तय दुकान से खरीदने का दबाव

एडमिशन, रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी फीस की वसूली

सूचना पटल पर जरूरी जानकारी का अभाव

नियमों का खुला उल्लंघन

जांच में सामने आया कि दोनों स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और CBSE के नियमों का उल्लंघन किया है। विशेष रूप से एडमिशन फीस और अन्य अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों के खिलाफ पाया गया।

मीडिया रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

इस पूरे मामले को एक प्रमुख समाचार चैनल के प्राइम टाइम कार्यक्रम ‘सीधे मुद्दे की बात’ में प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।

विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया था कि अभिभावकों से मनमानी वसूली करने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। अब उसी दिशा में अंबिकापुर से कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है।

अभिभावकों को मिल सकती है राहत

यदि प्रस्तावित कार्रवाई लागू होती है, तो स्कूलों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा और भविष्य में ऐसी मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद है।

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