Special Session on Nari Shakti Bill: महिलाओं के अधिकार और भागीदारी से जुड़ा नारी शक्ति वंदन अधिनियम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोकसभा में यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद अब राज्यों में इसकी गूंज तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र का फैसला
इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में 30 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। सरकार इस सत्र के जरिए अपना रुख स्पष्ट करने और राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।
विपक्ष पर निंदा प्रस्ताव की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सत्र के दौरान सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश कर सकती है। आरोप है कि विपक्ष की भूमिका के कारण ही यह महत्वपूर्ण अधिनियम लोकसभा में पारित नहीं हो पाया।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, और सत्र के दौरान तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।
महिला सशक्तिकरण पर बड़ा सवाल
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा था। ऐसे में इसके पारित नहीं हो पाने से राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है।







