PMMVY Scheme: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) केंद्र सरकार की एक लाभकारी योजना है, जिसकी शुरुआत 2010 में हुई थी और 2017 में इसे वर्तमान नाम दिया गया. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को आर्थिक मदद देना है, ताकि वे अपने खान-पान का बेहतर ध्यान रख सकें. इसके जरिए महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है और समाज में बेटियों के जन्म को लेकर एक सकारात्मक नजरिया बनाने की कोशिश की जाती है.
गर्भवती महिलाओं सरकार देती है 5 हजार रुपये
इस योजना के तहत जब कोई महिला पहली बार मां बनती है, तो सरकार उन्हें 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है. वहीं अगर दूसरी संतान के रूप में बेटी पैदा होती है, तो महिला को 6000 रुपये की मदद और मिलती है. इन पैसों का मुख्य उद्देश्य यह है कि मां और बच्चा दोनों को अच्छा और पोषण से भरपूर खाना मिल सके, जिससे उनकी सेहत अच्छी बनी रहे.
क्या है PMMVY स्कीम?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिलाओं को कुल 5,000 रुपये मिलते हैं. इसकी पहली किस्त (3,000 रुपये) प्रेगनेंसी के रजिस्ट्रेशन के समय और दूसरी किस्त (2,000 रुपये) बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने पर दी जाती है. वहीं अगर दूसरी बार बेटी पैदा होती है, तो सरकार सीधे 6,000 रुपये की मदद करती है. यह पूरी राशि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में जमा की जाती है.
किन महिलाओं को मिलेगा इस स्कीम का फायदा?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 साल होनी चाहिए और परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. अगर आपके पास मनरेगा कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल कार्ड है और आप दिव्यांग हैं या पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रही हैं, तो आप इसके लिए पात्र हैं. ध्यान रखें कि बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर ही आवेदन करना जरूरी है, नहीं तो आप इस आर्थिक सहायता का लाभ नहीं ले पाएंगी.
कैसे करें अप्लाई?
आप इसकी ऑफिशियल वेबसाइट pmmvy.wcd.gov.in पर जाकर खुद फॉर्म भर सकते हैं.
आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक और एमसीपी (MCP) कार्ड जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे.
आप अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी फॉर्म जमा कर सकते हैं.
अलग-अलग किस्तों के लिए फॉर्म 1A, 1B और 1C का उपयोग किया जाता है.
सरकार ने इस प्रक्रिया को अब पहले से कहीं ज्यादा सरल बना दिया है ताकि सभी पात्र महिलाओं को मदद मिल सके.
किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप सरकारी हेल्पलाइन नंबर से संपर्क कर सकते हैं.
यह योजना न सिर्फ पैसों की मदद करती है, बल्कि मां और बच्चे की बेहतर सेहत को भी बढ़ावा देती है.








