बिलासपुर: तखतपुर ब्लॉक के लाखासार गौधाम में मवेशियों की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई गंभीर अव्यवस्था पर अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू कर दी है।
शपथ पत्र के साथ जवाब तलब, पशुपालन विभाग पर बढ़ा दबाव
हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग छत्तीसगढ़ के सचिव से शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि गौधाम में मवेशियों की स्थिति पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
2 महीने पहले हुआ था उद्घाटन, 25 एकड़ में बनी थी योजना
इस गौधाम का उद्घाटन हाल ही में विष्णुदेव साय ने 14 मार्च को किया था। यह सुविधा 25 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई थी और इसे पशुपालन एवं संरक्षण की बड़ी पहल बताया गया था।
अव्यवस्था की तस्वीर: छोटे शेड में सैकड़ों गायें, जगह की भारी कमी
रिपोर्ट्स के अनुसार यहां 10×26 फीट के छोटे शेड में करीब 205 गायों को रखा गया है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि एक पशु के लिए आवश्यक जगह कई गुना कम है। इससे न केवल पशुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: दम घुटने और बीमारी फैलने का खतरा
पशु चिकित्सकों के अनुसार एक गाय के लिए कम से कम 30 से 40 वर्गफुट ढका हुआ स्थान जरूरी होता है, लेकिन यहां क्षमता से कहीं अधिक पशु रखे गए हैं। इससे गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
गौधाम को लेकर सरकार की ओर से बेहतर व्यवस्था और सुविधाओं के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्थिति इसके उलट सामने आई है। यही अंतर अब न्यायालय की जांच के दायरे में है।
कोर्ट की नाराजगी, जवाबदेही तय करने की तैयारी
हाईकोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब पूरी नजर पशुपालन विभाग के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।








