सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस हादसे में 10 से ज्यादा मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हर तीन महीने में हादसे क्यों: दीपक बैज ने उठाए तीखे सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी में कई मजदूरों की मौत और बड़ी संख्या में घायल होने की बात सामने आई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
हादसा या लापरवाही: सरकार से सीधे सवाल
दीपक बैज ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब से भाजपा सरकार बनी है, तब से हर तीन महीने में इस तरह की बड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही की आशंका है।
कांग्रेस ने बनाई जांच समिति, मौके पर करेगी पड़ताल
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कांग्रेस ने 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस समिति की अगुवाई जय सिंह अग्रवाल करेंगे। टीम घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों और उनके परिवारों से मुलाकात करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
सरकार ने भी की मदद की घोषणा, पीड़ितों को मिलेगा सहारा
वहीं इस हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
जांच और जवाबदेही पर टिकी नजरें
हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा मानकों और जवाबदेही को लेकर उठ रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार है।








